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REELFREE NATION

इंसान का ध्यान वापस पाएँ।

नागरिकों का चलाया जनहित आंदोलन, जिसकी शुरुआत भारत से हो रही है। हम ऐसे डिजिटल प्रोडक्ट चाहते हैं जो सेहतमंद इस्तेमाल में मदद करें, न कि हमारा ध्यान बिना किसी सीमा के खींचते रहें।

हमारा सपना

एक ऐसी दुनिया जहाँ इंसान के ध्यान को बचाने लायक चीज़ माना जाए, और डिजिटल प्रोडक्ट इस तरह बनें कि वे सेहतमंद इस्तेमाल में मदद करें, न कि ध्यान को बिना सीमा के खींचें।

मिशन

REELFREE NATION एल्गोरिदम से चलने वाले, कभी ख़त्म न होने वाले (इनफ़िनिट-स्क्रॉल) शॉर्ट वीडियो के बारे में सबूतों की जाँच करता है और उन्हें लोगों तक पहुँचाता है। हम बेहतर डिजिटल माहौल और सबूतों पर आधारित नीतियों की माँग करते हैं।

हम भारत से शुरुआत कर रहे हैं। पर यह चिंता सिर्फ़ भारत की नहीं है। हमें उम्मीद है कि समय के साथ दूसरे देश भी अपनी शाखाएँ बनाएँगे — हर शाखा अपने देश के शोध और अपने कानूनों पर टिकी होगी।

नीतिगत रुख़

नीति की दिशा

REELFREE NATION माँग करता है कि एल्गोरिदम से चलने वाली, कभी ख़त्म न होने वाली (इनफ़िनिट-स्क्रॉल) शॉर्ट वीडियो फ़ीड के लिए सबूतों पर आधारित नियम बनें, और उनमें बच्चों और युवाओं की ख़ास सुरक्षा हो।

दस सिद्धांत

हम जो कुछ भी छापते हैं, और लोगों से जो कुछ भी करने को कहते हैं, वह इन्हीं सिद्धांतों पर चलता है।

पहले सबूत
हम ऐसे वैज्ञानिक दावे या कारण-संबंधी दावे नहीं छापते जिनके पीछे सबूत न हो।
पहले लोग
हम बच्चों और युवाओं की भलाई की रक्षा करते हैं, और साथ ही कानूनी अभिव्यक्ति और जानकारी तक पहुँच का सम्मान करते हैं।
पारदर्शिता
हम अपना तरीका, पैसा कहाँ से आता है, हितों का टकराव, अपनी सीमाएँ और अपनी गलतियों के सुधार — सब सार्वजनिक करते हैं।
शुरू से ही गोपनीयता
हम कम से कम निजी जानकारी लेते हैं, और सर्वे में भाग लेने वालों की निजी जानकारी कभी नहीं बेचते।
किसी को परेशान नहीं करना
हम व्यवस्थाओं और नीतियों की आलोचना करते हैं, किसी व्यक्ति की नहीं।
कोई हेराफेरी नहीं
हम कभी भी नकली समर्थक, नकली सर्वे नतीजे, नकली गवाही या नकली एंगेजमेंट नहीं बनाते।
लोकतांत्रिक तरीके
हम सही रास्तों से काम करते हैं: जनता से सलाह-मशविरा, नागरिकों की भागीदारी, शोध, मीडिया और नीति बनाने वालों तक पहुँच।
तकनीक के प्रति निष्पक्ष
मुद्दा एक नुकसानदेह डिज़ाइन का तरीका है, कोई ख़ास कंपनी या राष्ट्रीयता नहीं।
सोच दुनिया भर की, सबूत स्थानीय
भारत शुरुआत है। आगे बनने वाली दूसरे देशों की शाखाएँ अपने स्थानीय सबूतों और अपने कानूनी ढाँचे का इस्तेमाल करेंगी।
गलतियाँ खुलकर सुधारें
हम अपने हर सुधार का सार्वजनिक रिकॉर्ड रखते हैं।

हम चाहते हैं लोग कैसे भाग लें

हम चाहते हैं कि पहली बार आने वाला व्यक्ति लगभग एक मिनट में समझ जाए: समस्या क्या है, सबूत क्या कहते हैं, हमारी माँग क्या है और वह क्या कर सकता है। इसके बाद हम जिस रास्ते की उम्मीद करते हैं, वह सीधा है:

समझें → जाँचें → भाग लें → साझा करें

मुद्दे को समझें। सबूतों को ख़ुद जाँचें। ऐसे तरीके से भाग लें जो सही और काम का हो। फिर जो आपने पाया, उसे ईमानदारी से दूसरों के साथ साझा करें।